चाँदनी रातें भी अब वीरान सी लगती हैं,
तेरे बिना मेरी बातें अधूरी सी लगती हैं।
हर हँसी में एक दर्द छुपा बैठा हूँ,
खुद से ही मैं अब अनजाना सा लगता हूँ।
चाँदनी रातें भी अब वीरान सी लगती हैं,
तेरे बिना मेरी बातें अधूरी सी लगती हैं।
हर हँसी में एक दर्द छुपा बैठा हूँ,
खुद से ही मैं अब अनजाना सा लगता हूँ।