ख्वाब

नींदों में जो तेरा चेहरा मुस्कुराता है,
दिल वही ख्वाब हर रोज़ सजाता है।
जागते हुए भी बस तू ही नजर आता है,
क्या करूँ, ये दिल तुझसे मिलने को बहाना बनाता है।

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